इम्युनिटी बढ़ाने के आसान तरीके ?

इस समय देश-दुनिया में कहर बरस रहा है। समय को देखते हुए खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। अभी तक के तमाम शोधों में ये बात सामने आई है कि जिस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम मजबूत है उसे संक्रमण होने की संभावना काफी कम है। और आयुर्वेद (Ayurved) में ऐसी बहुत सी जड़ी बूटियां हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मददगार मानी जाती हैं. इन्हीं में कुछ हैं गिलोय (Giloy benefits), तुलसी, अदरक और अश्वगंधा आदि. इनका इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं और नुस्खों में किया जाता है.

अश्वगंधा
• अश्वगंधा बैक्टीरियल संक्रमण में फायदेमंद माना जाता है.
• अश्वगंधा में तनाव विरोधी गुण पाए जाते हैं.
• अश्वगंधा चोट को जल्दी भरने में मददगार होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने यानी कि इम्यूनिटी सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करने में मददगार है.
• मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने में भी अश्वगंधा फायदेमंद है.

गिलोय
• गिलोय का इस्तेमाल बुखार उतारने में किया जाता है.
• एसिडिटी या पेट से जुड़ी बीमारियों के लिए गिलोय लाभदायक है.
• गिलोय का इस्तेमाल कब्ज, टीबी, हिचकी, कफ की बीमारी, गठिया, फाइलेरिया, डायबिटीज की बीमारी, ह्रदय संबंधी बीमारी, कैंसर, आंखों संबंधी रोग, कान, मूत्र रोग आदि बीमारियों में भी किया जाता है.

तुलसी
• तुलसी न केवल एक प्रतिरक्षा बढ़ाने वाली जड़ी बूटी है, यह भारतीय घरों में सबसे अधिक पाया जाने वाला पौधा भी है।
• तुलसी का विभिन्न स्वास्थ्य लाभ के लिए सेवन किए जा सकता हैं।
• कुल मिलाकर, तुलसी फेफड़ों से संबंधित बीमारियों जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, भीड़, फ्लू… आदि से राहत दिलाने में मदद करती है।
• यह ऐंठन, गैस्ट्रिक विकारों, चीनी को कम करने, रक्तचाप को नियंत्रित करने और साथ ही त्वचा संबंधी समस्याओं में भी फायदेमंद है।

आवंला
• आंवला या भारतीय करौदा, यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए एक आयुर्वेदिक शंखनाद है।
• यह शरीर में वात, पित्त और कफ दोष को शांत करता है।
• पाचन को बेहतर बनाने में आंवला सहायक होता है जिससे भोजन अधिक प्रभावी होता है।

नीम
• नीम, चमत्कारी जड़ी बूटी के रूप में भी जाना जाता है, एक अन्य रोगाणुरोधी जड़ी बूटी है।
• नीम रक्त को साफ करता है और शरीर से किसी भी विष को बाहर निकाल देता है।
• नीम में फंगस, वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता होती है।
• यह अपने एंटीकैंसर गुणों के लिए जाना जाता है।

हल्दी
• हल्दी को सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक कहा जाता है क्योंकि इसमें औषधीय गुणों के साथ बायोएक्टिव यौगिक होते हैं।
• हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।
• हल्दी मस्तिष्क के कार्यों में सुधार करती है और हृदय रोगों के जोखिम को कम करती है।
• इसमें कैंसर रोधी और तेजी से भरने वाले गुण भी होते हैं।

नींबू
• नींबू में प्राकृतिक रूप से बहुत से औषधीय गुण उपस्थित होता है।
• इसमें एंटीबायोटिक, एंटी वायरल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल व अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है।
• रोजाना नींबू पानी लेने से शरीर में पानी की कमी तो दूर होगी साथ में प्रतिशा प्रणाली को मजबूत बनाता है।

विटामिन सी सप्लीमेंटस
• विटामिन सी के सप्लीमेंटस का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
• विटामिन सी के सप्लीमेंटस का सेवन खाने से 30-45 मिनट पहले करें।
• खाली पेट इन सप्लीमेंटस का सेवन करने से अधिक फायदा होता है।

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